सरकार ने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्तियों के पारदर्शी और समय पर वितरण को मजबूत किया है

ऑनलाइन आवेदन प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण व् आधार-आधारित भुगतान कुशल छात्रवृत्ति वितरण में सहयोग प्रदान करते हैं

नियमित निगरानी और जागरूकता अभियान देश भर में छात्रवृत्ति लाभों तक पहुंच को मजबूत बनाते हैं

 
azadi ka amrit mahotsav
                                                               प्रविष्टि तिथि: 07 SEP 2026 5:56PM by PIB Bhopal

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए केंद्र प्रायोजित पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का कार्यान्वयन कर रहा है। यह योजना पात्र छात्रों को पोस्ट-मैट्रिक और उच्चतर शिक्षा प्राप्त करने में सहायता प्रदान करती है और शैक्षिक अवसरों तक उनकी पहुंच को बढ़ावा देती है।

इस योजना के अंतर्गत आवेदन निर्दिष्ट राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल या राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से आमंत्रित किए जाते हैं। कार्यान्वयन एजेंसियों के रूप में, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश आवेदन आमंत्रित करने, जांच-पड़ताल, सत्यापन और अन्य कार्यान्वयन प्रक्रियाओं की व्यवस्था करते हैं, और उनके स्तर पर उपयुक्त तंत्र स्थापित किए जाते हैं।

केंद्र सरकार द्वारा छात्रवृत्ति राशि का वितरण संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के हिस्से के वितरण और राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर अंतिम रूप से सत्यापित लाभार्थी डेटा जमा करने से जुड़ा हुआ है। यह समन्वित प्रक्रिया छात्रवृत्ति सहायता के सटीक सत्यापन और जवाबदेहीपूर्ण हस्तांतरण को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।

इस योजना के तहत प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्रणाली वर्ष 2021-22 में शुरू की गई थी। इस प्रणाली से निधियों का प्रवाह सरल और तेज हुआ है, साथ ही लाभार्थियों को सटीक रूप से लक्षित करने, दोहराव को दूर करने, दक्षता और पारदर्शिता को मजबूत करने में मदद मिली है। आधार-आधारित बैंक भुगतानों ने भुगतान प्रक्रिया को और भी सुव्यवस्थित किया है और छात्रवृत्ति वितरण में होने वाली देरी को कम करने में सहायक सिद्ध हुए हैं।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग इस योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचार पत्रों में विज्ञापन, सोशल मीडिया अभियान और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित संपर्क के माध्यम से प्रचार-प्रसार करता है। इन प्रयासों का उद्देश्य पात्र छात्रों और उनके परिवारों को आवेदन और कार्यान्वयन प्रक्रियाओं के बारे में समय पर जानकारी प्राप्त करने में सहायता करना है।

हितधारकों और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों की भागीदारी वाले राष्ट्रीय स्तर के चिंतन शिविरों, क्षेत्रीय बैठकों और राष्ट्रीय सम्मेलनों के माध्यम से कार्यान्वयन की नियमित रूप से समीक्षा की जाती है। ये परामर्श परिचालन संबंधी मुद्दों की समीक्षा करने, समन्वय को मजबूत करने और छात्रवृत्ति लाभों के वितरण में सुधार करने के लिए एक मंच प्रदान करते हैं।

मंत्रालय संबंधित हितधारकों के परामर्श से और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपनी योजनाओं की समीक्षा भी करता है। सुलभ आवेदन प्रणालियों, विश्वसनीय भुगतान, प्रभावी कार्यान्वयन और देश भर में पात्र अनुसूचित जाति के छात्रों को पारदर्शी रूप से लाभ पहुंचाने पर निरंतर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

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