सागर के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद मध्यप्रदेश में सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के ‘पाकिस्तान के बाद मध्यप्रदेश में हिंदू खतरे में हैं’ वाले बयान पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने पलटवार किया है। देवड़ा ने बयान को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि शराब से हुई मौतों को जाति या धर्म के आधार पर देखना उचित नहीं है। ऐसे संवेदनशील मामले में लाशों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। देवड़ा ने कहा कि सागर की घटना बेहद दुखद है और सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर मामले में तत्काल कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी दोषी सामने आएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शराब कहां बनी, नेटवर्क तक पहुंचेगी जांच
मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश केवल शराब बेचने वालों तक पहुंचने की नहीं है, बल्कि यह पता लगाने की है कि जहरीली शराब कहां तैयार हुई, किसने बनाई और किस नेटवर्क के जरिए लोगों तक पहुंची। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के कारोबार की जड़ तक पहुंचे बिना ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल है। मामले में अब तक 20 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है और 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। देवड़ा ने कहा कि जांच आगे बढ़ने पर अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती ह 13 पोस्टमार्टम में मौत की पुष्टि
देवड़ा ने बताया कि अब तक 13 शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है और इनमें जहरीली शराब से मौत की पुष्टि हुई है। प्रभावित लोगों का इलाज जारी है और सरकार की ओर से उपचार की व्यवस्था की जा रही है। मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
तीन अधिकारी निलंबित, बड़े अफसर भी जांच के दायरे में
घटना में लापरवाही के आरोप में तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। देवड़ा ने कहा कि कार्रवाई सिर्फ छोटे अधिकारियों तक सीमित नहीं रहेगी। अगर आबकारी आयुक्त, उपायुक्त या किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी की लापरवाही अथवा संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी अवैध शराब के खिलाफ निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जनता से अपील की कि कहीं अवैध शराब बनने या बिकने की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन को सूचना दें। देवड़ा ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि जहरीली शराब के पूरे नेटवर्क को पकड़ना और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाना है।