यूपी: चंपत राय, अनिल मिश्र और गोपाल राव को आरोपी न बनाए जाने पर उठे सवाल, अधिवक्ताओं के घेराव पर बुलाई पीएसी

अमर उजाला, अयोध्या Published by: Akash Dwivedi Updated Wed, 23 Sep 2026 09:12 PM IST

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने 90 दिन की अवधि पूरी होने पर आठ आरोपियों के खिलाफ करीब 40 हजार पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की। रिपोर्ट बक्सों में पहुंचाई गई। सुरक्षा के लिए कचहरी में दो ट्रक पीएसी तैनात रही। अधिवक्ताओं ने संज्ञान से पहले आपत्तियां सुनने की मांग की।

विस्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस की चार्जशीट पर अधिवक्ता संघ ने आपत्ति जताई है। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट के समक्ष अधिवक्ता संघ की ओर से करीब डेढ़ घंटे तक बहस हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता कृपाल चंद्र खरे, प्रिय नाथ सिंह और सौरभ मिश्र ने आरोपपत्र की कमियों पर पक्ष रखा

संघ का आरोप है कि चार्जशीट में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र, गोपाल राव और कृष्ण मोहन समेत कई लोगों को आरोपी नहीं बनाया गया है। जबकि इनके खिलाफ चोरी के आरोप हैं। आरोपपत्र में उन्हें गवाह बनाया गया है।  संघ की ओर से चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र, कृष्ण मोहन और गोपाल राव को आरोपी बनाए जाने की मांग को लेकर 10 अधिवक्ताओं के शपथपत्र भी दाखिल किए गए हैं।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा, उपाध्यक्ष राजेश उपाध्याय, पूर्व अध्यक्ष विजय बहादुर सिंह, आलोक मणि तिवारी, दूध नाथ मिश्रा ने कहा कि मामले में गठित पहली एसआईटी की जांच का आरोपपत्र में संज्ञान नहीं लिया गया है।

आरोपपत्र में उल्लेख नहीं

अधिवक्ता संघ का आरोप है कि चोरी की धनराशि जिन लोगों के पास से बरामद हुई, उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया। संघ के अनुसार ट्रस्ट के कृष्ण मोहन के लॉकर से बरामद 81.19 लाख रुपये का भी आरोपपत्र में उल्लेख नहीं है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने विवेचक की ओर से प्रस्तुत आरोपपत्र वापस करने, संघ के प्रार्थनापत्र के आधार पर जांच का आदेश देने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र, गोपाल राव व कृष्ण मोहन को तलब करने की मांग की

दो ट्रक पीएसी तैनात

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में चार्जशीट दाखिल होने से पहले बुधवार को कचहरी परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए दो ट्रक पीएसी बल तैनात किया गया था। चार्जशीट दाखिल होने की सूचना मिलते ही अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया। 

उन्होंने विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट के बाहर घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद अधिवक्ता संघ अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा की अगुवाई में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अदालत पहुंचा।  प्रतिनिधिमंडल ने संघ की ओर से दाखिल प्रार्थनापत्र पर सुनवाई की मांग की। इसमें वरिष्ठ अधिवक्ता कृपाल चंद्र खरे, प्रिय नाथ सिंह, सौरभ मिश्रा, विजय बहादुर सिंह और निजामुद्दीन खान शामिल रहे।

अधिवक्ताओं ने मांग की है कि चार्जशीट पर संज्ञान लेने से पहले उनकी आपत्तियां सुनी जाएं। बाद में संघ अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला जज रणंजय कुमार वर्मा से भी मुलाकात की। उन्होंने चार्जशीट पर संज्ञान से पहले आपत्तियों पर सुनवाई की मांग रखी।


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